मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath ने आगामी दीपोत्सव महोत्सव के दृष्टिगत सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करवाए जाने को
मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath ने आगामी दीपोत्सव महोत्सव के दृष्टिगत सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करवाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हुए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी सीमावर्ती नेपाली प्रशासन से भी संवाद कायम करें। सीमावर्ती प्रशासन से सूचनाएं हासिल करें जिससे अराजक तत्वों के मंसूबे विफल किए जा सकें। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली की सीमा क्षेत्र के जनपदों के अधिकारी भी सतर्क रहें।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि 1990 से लेकर 2018 के बीच आतंकी घटनाओं में लिप्त रहने वाले या फिर परोक्ष-अपरोक्ष रूप से आतंकी घटनाओं से जुड़े रहने वाले व्यक्तियों का सोशल मीडिया चेक करें। अगर वे जेल से बाहर हैं तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजें। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर जल्द फैसला आने वाला है। इस मुद्दे पर कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसे लेकर कोई भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। भड़कीले बयान किसी भी स्तर पर नहीं होने चाहिए। इसके लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखनी होगी।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारूद और पटाखों के कारण कोई दुर्घटना न होने पाए। बारूद के भंडारण और पटाखों के गोदाम व बिक्री का कार्य आबादी वाले इलाके से दूर खुले में किया जाए। पटाखे की दुकानें भी आबादी वाले क्षेत्र से दूर लगायी जाएं। वहां अग्निशमन की पूरी व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर उसे रोकने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। दूध, पानी और शराब की पाउच में बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। पराली जलाने से हो रहे नुकसान के बारे में भी किसानों को जागरूक करें। इसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोवंश सड़कों और खेतों में घूम रहे हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारी ये सुनिश्चत कराएं कि गो आश्रय स्थलों पर ही गोवंश रहें। सड़कों और खेतों में गोवंश बिल्कुल न जाएं, नहीं तो संबंधित जिले के जिलाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उपद्रवी मानसिकता के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस के अधिकारी थाने में न बैठें, बल्कि अपराधियों के दरवाजे खटखटाएं जिससे उनके मन में खौफ हो।
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